8 सालों के बाद विश्वविद्यालय को क्यों लेना पड़ा रहा हैं परीक्षा ?

वैसे आपने तो ऐसी बहुत सारी कहानिया सुनी ही होगी जिसमे पूरा स्कूल हमेशा से चोरी कर के पास होता आ रहा है या और भी बहुत सारे मज़ेदार और असली कहानिया |

लेकिन आज मै भारत के एक ऐसे ऱाज्य के विश्वविद्यालय की कहानी बताऊंगा जिसमे 8 सालो के बाद एक नए पेपर की परीक्षा ली जा रही है |

वो राज्य है झारखण्ड संक्षिप्त में थोड़ी इतिहास जानने की कोशिश करते है |

भारत का एक बहुत प्यारा सा राज्य झारखण्ड जो बहुत ही धनी है खनिजों के मामले में | यह राज्य 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर बना है |
जितने भी खनिज वाले और उद्योग वाले भाग थे वो लगभग सभी झारखण्ड में आ गए | इसलिए बहुत कोई कहते है की बिहार गरीब होता गया ठीक है तो इस हिसाब से झारखण्ड को बहुत आमिर होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है झारखण्ड को बने हुए लगभग 23 साल हो गए लकिन विकास की पहिया लगभग दौड़ने की जगह चल भी नहीं पायी है |

झारखण्ड के कोन कोन से विश्वविद्यालय ले रहे है एग्जाम

  • Vinoba Bhave Vishwavidyalaya
  • BBMKU
  • Ranchi University

2015-18 , 2016-19, 2017-20 , 2018-21 , 2019-22 इन सभी सत्रों के छात्रों से सिर्फ एक ही जेनेरिक पेपर के साथ परीक्षा लिया गया था जबकि UGC के guideline के अनुसार दो जेनेरिक पेपर का एग्जाम लेना था इसमें किसकी गलती है किसकी गलती नहीं है वह तो आपलोग ही तय करेंगे लेकिन अब सरे छात्रों को फिर से परीक्षा देना पड़ रहा है लेकिन बता दे की यह परीक्षा जरुरी भी नहीं है जिन छात्रों ने B.ed कर रहे थे उनलोगो को परेशानी आयी है |

अगर कोई छात्र यह एग्जाम नहीं देता है फिर भी उसकी डिग्री की वैल्यू रहेगी यह बात विशवविद्यालय कह चूका है लेकिन कही कही जेनेरिक के दो पेपर की मांग हो जाती है तो उस स्तिथि में छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है|

 

 

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