इसे जानने के बाद आप पिज़्ज़ा खाना भूल जाओगे 🤔

आप सभी जानते है इधर कुछ दिनों से पिज़्ज़ा बहुत ही पॉपुलर हुआ है लेकिन क्या आपको पता है इसकी शुरुवात कब और क्यों हुई थी ?
आइए आज हम इन्ही सब प्रशनो का उत्तर जानने की कोशिश करेंगे |

पिज़्ज़ा का इतिहास (Pizza History In Hindi) यूनान से शुरू हुआ था लेकिन आधुनिक पिज्जा की देन इटली को माना जाता है. सबसे पहले 18वीं सदी में इटली के नेपल्स नामक शहर में पिज्जा बनाया गया. यह शुरू में गरीबों के लिए बनाया गया था. नेपल्स नामक शहर में आसपास के क्षेत्रों और शहरों के लोग रोजगार की तलाश में आते थे, ऐसे में इन्हें सस्ता खाना चाहिए था जिससे कि पेट भी भर जाए और पैसे भी कम खर्च हो. सड़क के किनारे फास्ट फूड बेचने वाले लोग ही इनका सहारा थे. प्रारंभ में फ्लैट ब्रेड पर सब्जियों और मीट की टॉपिंग्स रखकर उन लोगों को बेचा जाता था.

ज्यादातर मजदूर काम पर जाने से पूर्व ब्रेकफास्ट के रूप में फ्लैटब्रेड पर लगी सब्जी और मीट की टॉपिंग्स खाकर निकल जाते थे. इस समय यह खाना इन्हें बहुत सस्ते में मिल जाता था. जो सबसे सस्ती टॉपिंग्स होती उसमें सूअर का मांस, नमक और लहसुन का प्रयोग किया जाता था. दूसरी तरह के टॉपिंग्स में घोड़ी के दूध से बना चीज (कैसिओकैवलो), फिश, काली मिर्च और पोमोडोरो का उपयोग किया जाता था जो कि थोड़ा महंगा पड़ता.

पिज़्ज़ा का इतिहास (Pizza History In Hindi) जानने के क्रम में हम आपको बता दें इसकी शुरुआत इटली के नेपल्स शहर में बेकिंग का काम करने वाले “राफेल एस्पिओसिटो” ने की थी. सन 1889 की बात है King Umberto First और Queen Margarita नेपल्स (इटली) के दौरे पर आए, इन्हें फ्रेंच खाना बहुत पसंद था. इसलिए दौरे पर आए राजा और रानी को ज्यादातर फ्रेंच फूड ही खिलाया गया लेकिन कुछ ही समय पश्चात एक ही तरह का खाना खाने से दोनों ऊब गए. नेपल्स के अधिकारियों से इन्होंने कुछ नया खाने को मांगा.

तब वहां के अधिकारियों ने “राफेल एस्पिओसिटो” को बुलाया, इन्होंने 3 तरह के पिज़्ज़ा (Pizza History) बनाकर राजा और रानी के समक्ष परोसे.

तीन तरह के पिज़ा के प्रकार कुछ इस तरह से थे :-

  •  यह घोड़ी के दूध से बना चीज, सूअर का मांस और तुलसी की टॉपिंग्स से बनाया गया.
  •  यह व्हाइटबेट नामक मछली (Fish) से बनाया गया.
  • इसमें टमाटर, भैंस के दूध से बना चीज और तुलसी की टॉपिंग्स.

जब यह तीनों प्रकार के पिज्जा राजा और रानी के समक्ष परोसे गए तो Queen Margarita को तीसरा वाला पिज़्ज़ा बहुत पसंद आया. यह पिज़्ज़ा “Pizza Margarita” के नाम से मशहूर हो गया.

19वीं सदी में इटली के लोगों की अमेरिका में तादाद बढ़ने लगी इस दरमियान यह अपने साथ पिज्जा बनाने की रेसिपी भी लेकर अमेरिका चले आए. वर्ष 1950 में “Lombardi” नामक रेस्टोरेंट न्यूयॉर्क सिटी में शुरू हुआ,यह एक पिज़्ज़ा की दुकान थी. स्थानीय लोगों के स्वाद को ध्यान में रखते हुए धीरे धीरे यह पिज्जा अमेरिका के कई छोटे और बड़े शहरों में फैल गया. पिज्जा को ड्राय होने से बचाने के लिए (पकाते समय) टमाटर की स्लाइस की जगह है टमाटर के पेस्ट का प्रयोग किया जाने लगा.

वर्ष 1960 के लगभग टॉम और जेम्स नामक दो भाइयों ने “डोमिनिक्स” नाम से चली आ रही पिज्जा (Pizza History) की चैन को खरीद लिया. इस चैन का विस्तार करने के लिए इन्होंने घर घर जाकर पिज्जा सप्लाई करना शुरू किया. देखते ही देखते अमेरिका में डोमिनिक्स लोकप्रिय हो गया. साल 1965 में डोमिनिक्स का नाम बदलकर “डोमिनोज” कर दिया गया. इस समय डोमिनोज के मात्र 3 स्टोर हुआ करते थे और यही वजह है कि आज “Dominos Logo” में हमें 3 डॉट्स देखने को मिलते हैं. अमेरिका से शुरू हुआ डोमिनोज धीरे-धीरे विश्व भर में फैल गया.

भारत में पिज़्ज़ा का इतिहास :-

pizza

भारत में भी पिज़्ज़ा बहुत अधिक प्रसिद्ध है, यह एकमात्र ऐसा फास्टफूड है जिसे छोटे और बड़े सभी जानते हैं. खास तौर पर बच्चे इसको बड़े चाव के साथ खाते हैं, हर छोटे और बड़े शहर में पिज्जा के आउटलेट्स मिल जाते हैं. भारत में पिज़्ज़ा का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है आज से लगभग 25 वर्ष पूर्व 18 जून 1996 में यूनान में जन्म लेने वाला पिज़्ज़ा इटली और अमेरिका के रास्ते होते हुए भारत पहुंचा.

Pizza Hut नामक कंपनी ने भारत में पहली बार बेंगलुरु में अपना आउटलेट खोला. यहीं से धीरे-धीरे भारतीय लोगों की जबान पर पिज्जा का स्वाद चढ़ने लगा.

और पिज़्ज़ा आज भारतीयो के भी बीच इतना पॉपुलर हो गया की शायद हर भारतीय ने काम से काम एक बार तो जरूर खाया ही होग़ा |

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